Friday, October 24, 2025

आशा पारेख कैसे बनी बहारों के सपने फ़िल्म की हीरोइन ?

 


बताया जाता है कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर नासिर हुसैन ने फिल्म बहारों के सपने जब अभिनेत्री आशा पारेख को ऑफ़र की थी तो उस वक्त आशा पारेख दूसरे प्रोजेक्ट्स में बिजी थी। आशा ने नंदा का नाम नासिर हुसैन को सजेस्ट किया। लेकिन जब नासिर हुसैन ने अभिनेत्री नंदा को ये फ़िल्म ऑफ़र की, तो नंदा ने इसमें काम करने से इन्कार कर दिया क्योंकि फिल्म में हीरोइन का रोल ग्लैमरस नहीं  था। तब नासिर हुसैन बड़े फ़्रस्ट्रेटेड हुए। वो फ़िर से आशा पारेख के पास गए। इस दफ़ा आशा पारेख ने नासिर हुसैन की रिक्वेस्ट पर अपनी डेट्स एडजस्ट कर ली और इस तरह आशा पारेख बहारों के सपने फ़िल्म की हीरोइन बनी। राजेश खन्ना व आशा पारेख ने पहली दफ़ा इस फ़िल्म में साथ काम किया था। और ये फ़िल्म 23 जून 1967 को रिलीज हुई थी। 

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