शंकर मराठे - मुंबई, ७ नवंबर २०२५ : बॉलीवुड की फिल्मी दुनिया में क्या किसी इंसान के कपड़े भी उसके दुश्मन हो सकते हैं? लेकिन अभिनेता संजीव कुमार के कपड़े दुश्मन हुए थे। आपको यह बात जरूर अजीब लगेगी। मगर ये बात सच है।
ये उन दिनों की बात है जब संजीव कुमार फिल्मी दुनिया में काम पाने के संघर्ष कर रहे थे। संजीव कुमार के पास तब सिर्फ़ दो जोड़ी सफ़ेद कुर्ता-पजामा ही हुआ करते थे और वो उन्हें पहनकर ही फ़िल्मों में काम मांगने जाते थे और अधिकतर फ़िल्म निर्माता कहते थे कि ये कैसा आदमी है? लोग काम मांगने आते हैं तो अच्छा कपड़ा पहनकर, लेकिन ये आदमी कुर्ता-पजामा पहनकर ही आ जाता है। फिल्म मेकर्स वी. शांताराम ने तो ये तक कह दिया था कि ये आदमी हीरो बनने के बारे में सोच भी कैसे सकता है?
मगर किस्मत का लिखा कोई भी बदल नहीं सकता। संजीव कुमार को हीरो बनना ही था। तो वो हीरो बने भी। हालांकि उन्होंने भी बहुत संघर्ष किया था हीरो बनने के लिए।


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