शंकर मराठे - मुंबई, २५ फरवरी २०२६ : एक्टर महेश कोठारे की साल १९८७ में प्रदर्शित मराठी फिल्म दे दणादण सुपरहिट हुई थी और उन्होंने इसी फिल्म को हिंदी भाषा में बनाने के बारे में सोचा। इस फिल्म का नाम था "लो मैं आ गया"। इस फिल्म के कलाकार थे — विनय आनंद, लक्ष्मीकांत बेर्डे, मोहन जोशी, रिमा लागू, मकरंद देशपांडे, दीपक शिर्के, प्रेम चोप्रा। इस हिंदी फिल्म को बनाने के लिए महेश कोठारे ने अपनी १५ साल की पूरी कमाई लगाई थी। यह फिल्म ८ जनवरी १९९९ को रिलीज हुई थी, मगर बॉक्स ऑफिस पर बूरी तरह पिट गई।
इस फिल्म की मेकिंग से महेश कोठारे के ऊपर कर्जा हो गया। इतना ही नहीं तो उनको अपना घर भी बेचना पड़ा। महेश कोठारे को इस कर्जे का निपटारा करने के लिए १० साल का समय लगा। लेकिन महेश कोठारे ने हार नहीं मानी, फिर उन्होंने मराठी भाषा फिल्म बनाकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई।
एक्टर, डायरेक्टर और निर्माता बनकर महेश कोठारे ने हिंदी भाषा में एक फिल्म बनाकर बड़ा नुक़सान उठाया, लेकिन उन्होंने फिल्म बनाने का जुनून जारी रखा और मराठी भाषा में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में बनाई।

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