Sunday, April 12, 2026

आशाजी जितनी सुरीली थीं खाना बनाने में उतनी ही माहिर


शंकर मराठे - मुंबई, १३ अप्रैल २०२६ : पार्श्व गायिका आशा भोसले का ९२ साल में १२ अप्रैल २०२६ में निधन हो गया है। आशाजी जितनी सुरीली थीं खाना बनाने में उतनी ही माहिर। अगर वो सिंगर ना बनती तो मास्टर शेफ होती। 

आशा भोसले को खाना बनाने का बहुत शौक था। अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का खुलासा किया था कि अगर वे गायिका नहीं होती तो कुक बन जाती और घरों में खाना बनाकर पैसा कमातीं। 

आशाजी के घर होने वाली दावतों में मेहमानों को अक्सर पाया करी, फिश करी, कड़ाही गोश्त और दाल परोसी जाती।

बता दें कि आशा भोंसले का रेस्टोरेंट बिजनेस जबरदस्त है। उनके दुबई और कुवैत में आशाज नाम के रेस्टोरेंट हैं, जहां पारंपरिक उत्तरी-पश्चिमी भारतीय खाना विशेष रूप से उपल्ब्ध है। 

उनके रेस्टोरेंट अबुधाबी, दोहा, बहरीन में भी हैं। रेस्टोरेंट के खाने और सजावट में आशा ताई का जबरदस्त दखल रहा। उन्होंने शेफ्स को लगभग ६ महीने तक ट्रेनिंग दी। 


खाना पकाने के प्यार ने आशा भोसले को एक सफल रेस्तरां व्यवसायी के रूप में भी पहचान दिलाई। आशा भोसले के फेवरेट फूड की बात करें तो उन्हें मिर्च का अचार, कड़ाही गोश्त, चिकन बिरयानी, शामी कबाब और हरे बैंगन का भरता बेहद पसंद था।

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