शंकर मराठे - मुंबई, १२ दिसंबर २०२५ : जेल की सलाखों के पीछे भी मुस्कान नहीं छोड़ी, कंधे पर दुपट्टा डाले कोर्ट में भी शान से खड़ी रही और जब पति के बगल में बैठी तो आँखों में वही निडर चमक… ये है धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित की 'मिसेज देशपांडे' – जिसे देखकर पूरा हिंदुस्तान बोल उठा, “अरे वाह! क्या लूक है, क्या ग्रेस है, क्या ठाठ हैं!”
ड्रामा है, थ्रिलर है, कोर्टरूम है, लेकिन सबसे ऊपर है एक औरत का वो आत्मविश्वास जो कहता है – चाहे दुनिया कुछ भी कहे, मैं अपने शर्तों पर जीती हूँ। जेल का गाउन हो या साड़ी का पल्लू, दोनों में क्वीन लग रही हैं! बंदी बनकर भी बिंदास, पत्नी बनकर भी परफेक्ट।

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