Monday, February 23, 2026

जीरो से हीरो बनने की अमिताभ बच्चन की सबसे प्रेरणादायक कहानी


शंकर मराठे - मुंबई, २४ फरवरी २०२६  : बॉलीवुड में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को 'सदी का महानायक' कहते हैं, ९० के दशक में एक वक्त ऐसा भी था जब उनके घर के बाहर लेनदारों की लंबी लाइन लगी रहती थी और उन्हें सरेआम धमकियां दी जाती थीं। उनकी कंपनी एबीसीएल ९० करोड़ के भारी घाटे में डूब चुकी थी और उन पर ५५ कानूनी केस चल रहे थे। जो लोग कल तक उनके साथ जुड़ने के लिए उत्सुक रहते थे, वे अचानक दुश्मन बन गए और उनके दरवाजे पर आकर बदतमीजी करने लगे।

हालात इतने खराब हो गए थे कि अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने बिना सोचे-समझे पर्सनल गारंटी वाले पेपर्स पर साइन कर दिए थे, जिसकी वजह से उनकी पूरी प्रॉपर्टी खतरे में आ गई और उन्हें अपना बंगला 'प्रतीक्षा' तक गिरवी रखना पड़ गया। बिग बी को रातों में नींद नहीं आती थी, क्योंकि कंपनी के पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे थे।

लेकिन जब सब कुछ खत्म होता दिख रहा था, तब बिग बी ने हार मानने के बजाय लड़ने का फैसला किया। यश चोपड़ा की फिल्म 'मोहब्बतें' और टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' उनके डूबते करियर के लिए मसीहा बनकर आए। केबीसी के पहले सीजन से उन्होंने करीब १५ करोड़ रुपए कमाए और धीरे-धीरे अपनी मेहनत के दम पर ९० करोड़ का पूरा कर्ज चुकाकर अपनी खोई हुई साख वापस पाई।

यह बिग बी की कहानी हमें सिखाती है कि बुरा वक्त सिर्फ़ एक छोटा सा पड़ाव है, मंज़िल नहीं। अगर आपके अंदर खुद पर भरोसा और मेहनत करने का जज्बा है, तो आप राख से भी दोबारा उठ खड़े हो सकते हैं।

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