Sunday, February 22, 2026

अंधेरी में खुलेगा नया आरके स्टूडियो


शंकर मराठे - मुंबई, २३ फरवरी २०२६ : बॉलीवुड के शो - मैन की पहचान फिर होगी जिंदा! राज कपूर की यादों का नया घर, अंधेरी में खुलेगा नया आरके स्टूडियो। रणबीर कपूर जब अपने दादाजी की विरासत को फिर से जीवित करने की तैयारी करते हैं, तो सिर्फ एक स्टूडियो नहीं खुलता… खुलती हैं यादें, खुलता है इतिहास, और फिर गूंज उठती है वो धुन - "जीना यहाँ, मरना यहाँ…"

हिंदी सिनेमा के शो-मैन राज कपूर ने साल १९४८ में जिस सपने को जन्म दिया था - आर. के. स्टुडियो - वो सिर्फ एक इमारत नहीं, एक भावना थी। इसी छत के नीचे 'आग', 'बरसात', 'आवारा', ‘मेरा नाम जोकर’, 'बॉबी', 'सत्यम शिवम सुंदरम' , 'प्रेम रोग', 'हीना', और 'राम तेरी गंगा मैली' जैसी अमर फिल्मों ने आकार लिया। आखिरी बार इस बैनर तले 1999 में 'आ अब लौट चलें'बनी, जिसका निर्देशन ऋषि कपूर ने किया था।

फिर वक्त बदला… चेंबूर वाला पुराना स्टूडियो बिक गया, और लगा जैसे एक युग खत्म हो गया। लेकिन कपूर खानदान ने साबित कर दिया - विरासतें बिकती नहीं, उन्हें फिर से जिया जाता है।

अब रणबीर कपूर ने परिवार के साथ मिलकर अंधेरी में ५ मंजिला इमारत २० साल की लीज पर लेकर आरके स्टूडियो को नए रूप में खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है। यहां आर्ट स्टूडियो होगा, मेकअप रूम, स्क्रीनिंग रूम, मंदिर, म्यूजिक और एडिटिंग फ्लोर - यानी सिनेमा का पूरा संसार एक ही छत के नीचे। डिजाइन ऐसी होगी कि एक साथ तीन फिल्मों की शूटिंग संभव हो सके - यानी शो-मैन की परंपरा आधुनिक सोच के साथ।

ये सिर्फ एक स्टूडियो की वापसी नहीं… ये उस मुस्कान की वापसी है जो राज कपूर की आंखों में बसती थी। ये उस जुनून की वापसी है जिसने भारतीय सिनेमा को विश्व पटल पर पहचान दिलाई।


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