शंकर मराठे - मुंबई, १६ जुलाई, २०२६ : ५० के दशक में जहां एक पूरी फिल्म सिर्फ १५ से २० लाख रुपये में बन जाया करती थी, वहीं मुगल-ए-आज़म के आइकॉनिक गाने "जब प्यार किया तो डरना क्या" पर ही लगभग उतना ही खर्च कर दिया गया था। उस दौर में इतना बड़ा बजट किसी एक गाने पर लगाना किसी ने सोचा भी नहीं था।
इस गाने के लिए भव्य शीश महल का सेट तैयार किया गया, जिसमें हजारों शीशों का इस्तेमाल हुआ। सेट बनाने से लेकर कॉस्ट्यूम, लाइटिंग और शूटिंग तक हर चीज़ पर जमकर पैसा बहाया गया। यही वजह है कि आज भी "जब प्यार किया तो डरना क्या" भारतीय सिनेमा के सबसे भव्य और यादगार गानों में गिना जाता है। उस समय इस गाने पर हुआ खर्च अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जाता था और इसने बॉलीवुड में भव्यता की नई मिसाल कायम कर दी।

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