शंकर मराठे - मुंबई, १८ जुलाई, २०२६ : बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की फिल्म 'पीके' के पीछे उनकी मेहनत किसी जुनून से कम नहीं थी। अपने किरदार को बिल्कुल अलग दिखाने के लिए आमिर रोज़ करीब ५० पान चबाते थे ताकि उनके होंठ हमेशा लाल दिखें। इतना ही नहीं, उन्होंने करीब ३ महीने तक भोजपुरी सीखी, ताकि बोलने का अंदाज़ पूरी तरह असली लगे।
फिल्म के एक मशहूर सीन में पीके लोगों के कपड़े पहनता हुआ दिखाई देता है। इस सीन को शूट करने के लिए टीम ने कई लोगों से अनुमति लेकर उनके कपड़े लिए और बदले में उन्हें नए कपड़े दिए। आमिर चाहते थे कि हर सीन बिल्कुल रियल लगे, इसलिए छोटी-छोटी बातों पर भी खास ध्यान दिया गया।
यही वजह है कि 'पीके' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आमिर खान की सबसे यादगार और अलग किरदारों में से एक बन गई।


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